इंडिया का इंटरनेट सर्विस सेक्टर 2022 तक $124 बिलियन का होगा

IAMAI: इंडिया इंटरनेट सर्विस सेक्टर 2022 तक होगी $124 बिलियन की

गैजेट-टेक्नोलॉजी
  • एक रिपोर्ट के अनुसार इंडिया का इंटरनेट सर्विस सेक्टर 2022 तक $124 बिलियन का होगा.
  • ये विकास देश में 1 करोड़ 20 लाख रोज़गार पैदा करेगा.
  • इंटरनेट सर्विस सेक्टर में ई-कॉमर्स, फूड टेक, डिजिटल ऐडवर्टीजमेंट और इ-ट्रेवल कंपनियों को शामिल किया गया है.

इंडिया ज़्यादा आबादी और ज़्यादा बेरोज़गारी का होना कोई नई बात नहीं है. हर हफ्ते इस पर एक न एक चर्चा ज़रूर होती है. लेकिन इस बार इसे लेकर एक अच्छी खबर आयी है.

इंटरनेट ऐंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (IAMAI) के एक अध्ययन के मुताबिक़, इंडिया  इंटरनेट सर्विस सेक्टर 2022 तक $124 बिलियन हो जाएगा. इस अध्ययन के हिसाब से ये ख़बर हमारे जैसे घनी आबादी वाले देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं. इस वक़्त हमारे देश में इंटरनेट सर्विस सेक्टर तकरीबन $33.8 है.

अगर सरकारी नीतियाँ बेहतर और ई-कॉमर्स के अनुकूल रहीं तो इंटरनेट सर्विस सेक्टर $77.8 बिलियन की बढ़ोतरी दर्ज करेगा. और अगर सरकारी नीतियाँ सिर्फ किसी एक के हित के लिए हुईं तो बंटाधार. उदहारण के लिए नोटबंदी.

रिपोर्ट के हिसाब से कुछ बातें स्पष्ट हैं. इस इंटरनेट सर्विस सेक्टर को $124 बिलियन तक ले जाने के लिए केवल सरकारी नीतियाँ ज़िम्मेदार नहीं होंगी. इसके लिए internet connectivity, एक distribution network जिससे की गाँव के लोग भी ई-कॉमर्स जैसे ट्रेंड को आसानी से अपना सके, और पूरे देश में एक सरल technological system, जो की मज़बूत, एडवांस और सरल हो. आखिरकार, टेक्नोलॉजी का मुश्किल काम को आसान करने का है, ताकि हर कोई उसकी तरफ आकर्षित हो.

इस अध्ययन में इन क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया है

Digital Payment Sector: इस सेक्टर को इसमें शामिल किया गया है पर पूरी तरह से नहीं. नहीं समझें? आइये समझते हैं.

इस अध्ययन में इसे सिर्फ एक सेक्टर की तरह लिया गया है, जबकि इसके दो रोल हैं. एक एक सेक्टर की तरह काम करने और दूसरा बाकी सारे कामों को सुविधाएं देना. इस काम के नेचर की वजह से इसका 2 बार आंकलन का शक हुआ और इसे सिर्फ एक ही बार गिना गया. यानी इसका बहुत बड़ा हिस्सा अभी बाकी है जिसे अभी तक अध्ययन से बाहर रखा गया है.

IOT और AI: Internet of Things और Artificial Intelligence एक ऐसे सेक्टर हैं जो की अच्छी ख़ासी नौकरियाँ पैदा करते हैं. लेकिन इनका असर रोज़गार पर या किसी और इंडस्ट्री पर सीधे तौर पर नहीं पड़ता है. इसका तात्पर्य ये निकला की इसे इस अध्ययन से बाहर रखना पड़ा.

किस स्तर पर कहाँ रोज़गार पैदा होगा?

किस स्तर पर कहाँ रोज़गार पैदा होगा
किस स्तर पर कहाँ रोज़गार पैदा होगा?

इस अध्ययन में Digital Services के Socio-impact को भी बताया गया है. इसको लोगों द्वारा रोज़ाना इस्तेमाल की जाने वाली ज़रुरत की चीज़ों के आधार पर बताया गया है. समझिये कैसे?

Internet Services के विकास से रोज़गार 3 स्तर पर पैदा होंगे: Primary level, secondary level और tertiary level.

Primary Level: इस स्तर पर रोज़गार सीधे तौर पर मिलेगा. इसमें प्रोडक्ट डिज़ाइनिंग ऐंड डेवलपमेंट और सेल्स ऐंड मार्केटिंग शामिल है.

Secondary Level: इस स्तर पर रोज़गार नहीं बल्कि Self-employment होगा. इसके तहत कैब ड्राइवर्स, सेलर्स, और सेवा देने वाले अपना बिज़नेस चलाएंगे और और Online Platform पर बहुत सारे रोज़गार ऑफर करेंगे.

Tertiary Level: इस लेवल पर सारे रोज़गार ऑन-फील्ड पर होंगे जो की बाकी बिज़नेस की गतिविधियों को सपोर्ट हैं. जैसे कि थर्ड पार्टी वेयरहाउस और लॉजिस्टिक हैंडलर.

आखिरकार

इस रिपोर्ट से पता चलता है की अगर Digital Payment Sector ज़्यादा अच्छा काम कर पायी तो रोज़गार का आंकड़ा 1 करोड़ 20 लाख को पार भी कर सकता है. हमारी सरकार ने पिछले कुछ सालों से छोटे बिज़नेस जो की इंटरनेट पर नहीं हैं, को ऑनलाइन लाने कोशिश में लगी हुई है. बाकी सारी बड़ी कम्पनियाँ जैसे की अमेज़न और फ्लिपकार्ट भी इस काम में ज़ोर-शोर से लगी है. लेकिन अभी तक छोटे entrepreneurs इनकी पहुंच से बाहर हैं.

टेक्नोलॉजी के ज़ियादा विकसित होने से हम और बेहतर रोज़गार और बिज़नेस की उम्मीद कर सकते हैं.

आपको क्या लगता है? क्या ये रिपोर्ट सच साबित होगी या फिर एक खूबसूरत सपना बन कर ही रह जायेगी? अपने विचार हमारे साथ ज़रूर शेयर करें.

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