दिल्ली के पूर्व सीएम मदन लाल खुराना

दिल्ली के पूर्व सीएम मदन लाल खुराना का हुआ निधन

देश
  • दिल्ली के पूर्व सीएम मदन लाल खुराना का कीर्ति नगर में हुआ निधन
  • शनिवार रात 11 बजे हुआ था निधन
  • भाजपा में शोक की लहर

1993 से 1996 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे मदन लाल खुराना का निधन रात 11 बजे कृति नगर के उनके आवास मे हो गया. भाजपा की दिल्ली इकाई ने उनकी निधन की पुष्टी की है. मदन खुराना भाजपा मे काफी बड़े नेता थे. 82 वर्षीय खुराना का जन्म पंजाब प्रान्त (जो अब पाकिस्तान मे फैसलाबाद कहा जाता है ) के एस डी मे लालपुर मे हुआ था. 12 वर्ष की उम्र में वह विभाजन के बाद दिल्ली के कृति नगर मे रहने लग गए थे.

कौन थे मदन लाल खुराना

15 अक्टूबर 1936 में पैदा हुए मदन लाल खुराना दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे. अटल सरकार मे संसदीय मामलो के तथा पर्यटन मंत्री साथ ही 2004 में राजस्थान के गवर्नर के तौर पर रहे. मदन जी का राष्टीय स्वयसेवक संग तथा भाजपा के साथ भी संबंद काफी अच्छे रहे है. मदन लाल जी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएट और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र मैं पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. खुराना जी ने इलाहबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ने के दौरान ही राजनीती में भाग लेना शुरू कर दिया था जिसके चलते वह 1959 मे इलाहबाद छात्र संघ के महासचिव के रूप मे पद हासिल किया था. इसी के बाद वह रुके नहीं 1960 मे अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् के महासचिव बने.

भाजपा बनाने में था योगदान

मदन लाल जी युवा के रूप में ही विजय कुमार मल्होत्रा के साथ शिक्षक के रूप में पीजीडीएवी (सांध्य ) कॉलेज में पढ़ाने लग गए थे. बाद मे दिल्ली मे जनसंघ की शुरुआत की और इसमे मदन जी के साथ थे विजय कुमार महलोत्रा, केदार नाथ साहनी, कवर लाल गुप्ता इसी जनसंघ ने 1980 मे भाजपा का रूप ले लिया था मदन लाल खुराना 1965 से 1967 तक दिल्ली जनसंघ के महासचिव रहे थे.

इन्हें कहा जाता था दिल्ली का शेर

बात 1984 के आम चुनावो की हैं इंदिरा गाधी की मौत के बाद जनसंघ के हालत ख़राब हो गए थे. जिस कारण खुराना को भारत की राजधानी नई दिल्ली की कमान दी गयी. जिसके बाद उन्होंने मेहनत से काम किया जिसके बाद भाजपा महासचिव कुलजीत सिंह चहल ने उन्हें ” दिल्ली का शेर” कह के बुलाया.

मोदी और आडवाणी को हटाने के लिए की थी बात

साल 2005 मैं खुराना ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पद से हटाने की बात की थी. उन्होंने कहा था की यह लोग पार्टी को एयरकंडीशन प्रथा को बढ़ावा दे रहे है जिस के चलते उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. उस समय कि भाजपा प्रभक्ता सुषमा स्वराज ने ये कहा था की खुराना जी ने पार्टी के मुद्दे को सावर्जनिक रूप से उठाया था. जिस कारण उन्हें निलंबित किया गया है. यही नहीं लाल कृष्ण अडवाणी की आलोचना करने में भी उन्हें एक बार निलंबित किया जा चुका है. जिसमे उनका लिए कहा गया था की सेवा मे असमता और असुविधा व्यक्त करने के लिए अनुशासन हेतु हटा दिया गया है. हालांकि बाद में उन्हें पार्टी में वापिस ले लिया गया तथा उनकी टिपणी के बारे में मांफी मांगी तथा उनकी ज़िमेदारी वापिस दी गयी.

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