Jamia Foundation Day

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इतिहास में झांकता आज

शिक्षा

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इतिहास में झांकता आज अपने ग़ालिबाना अंदाज़ में बहुत कुछ कहता है

1920 में बना जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने अपने 98वें फाउंडेशन डे को धूम-धाम से मनाया. आज़ादी से पहले से लेकर आज़ादी के बाद तक जामिया ने देश को बड़ा योगदान दिया. 1920 में जब इंडियन नेशनल कांग्रेस जब असहयोग आंदोलन चला रही थी तभी नवंबर 1919 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आल इंडिया खिलाफत कमिटी बनी. इससे तहरीक-ए-तर्क-ए-मलवत ने भी अंग्रेज़ो के खिलाफ हमला बोल दिया. हिन्दू-मुस्लिम एकता ने अंग्रेज़ो की नींद हराम कर दी थी. खिलाफत कमेटी के सदस्यों ने आगे जा कर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी थी.

Jamia Foundation Day Stage

इसमे महत्त्वपूर्ण नाम थे अबुल कमल आज़ाद, मुह्हमद अली जौहर, ज़ाकिर हुसैन और मुख़्तार अहमद अंसारी. दिसंबर 1988 में जामिया को जामिया मिल्लिया इस्लामिया अधिनियम 1988 (1988 का संख्या 59) के तहत संसद ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी की मान्यता दी. 2006 में सऊदी अरब के सुल्तान अब्दुल्ला बिन अल सऊद ने यूनिवर्सिटी कि यात्रा की और लाइब्रेरी के लिए $30 मिलियन का दान दिया. अब वह लाइब्रेरी डॉ. जाकिर हुसैन लाइब्रेरी (सेंट्रल लाइब्रेरी) के रूप में जाना जाता है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया बनाने का मुख्य कारण मुस्लिम बच्चे जो शिक्षा से वंचित हो गए थे उन्हें शिक्षा देना था.

Jamia Foundation Day

पूरा दिन उत्सव मे रंगा रहा जामिया

हर साल की तरह जामिया ने अपने फाउंडेशन डे को एक उत्सव के रूप मे बनाया. इस दौरान कार्यक्रम की शरुआत NCC कैडेट्स ने चांसलर शाहिद अशरफ को गार्ड ऑफ़ ऑनर देकर की. इसके बाद जामिया के इतिहास को बताया गया और जामिया आज किस कदर एक यूनिवर्सिटी के रूप मे अपना नाम कमा रहा है चाहे वह साइंस का क्षेत्र हो, मेडिकल या इंजीनियरिंग का. जामिया मिल्लिया इस्लामिया हर तरह आगे बढ़ रहा. इसकी मिसाल जामिया का पत्रकारिता की रैंकिंग मे फर्स्ट आना, वर्ल्ड रैंकिंग मे टॉप 1000 यूनिवर्सिटी में आना है.

कल्चर प्रोग्राम में रहा ग़ालिब और शायरी का दस्तूर

जामिया के फाउंडेशन डे में कल्चर प्रोग्राम सबसे मज़ेदार रहा. जिसमें देश की विभिन संस्कृति तथा उनके पहनावे के साथ-साथ गीत गाने का भी रंगमच देखा गया. साथ ही जामिया के विद्यार्थियों ने रोबोट डांस से सब का दिल जीत लिया. डांस के बाद सिंगिंग का भी रोमांच सबको मिला. साथ ही कुमार विश्वास के अंदाज़ में एक शायरी बच्चो ने बोली. जिसमे सबसे अच्छा ग़ालिब का था. जिसमे छोटे से बच्चे ने ग़ालिब की भारी-भारी शायरियों को सुनाया.

Jamia Foundation Day
जामिया स्थापना दिवस

 

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