jamia students protest against ugc

उमैय्याह के समर्थन में उतरे जामिया के छात्र, जल्द कर सकते हैं UGC का घेराव

शिक्षा
  • जामिया में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
  • छात्र नेताओं ने कहा हम अपना संवैधानिक अधिकार लेकर रहेंगे
  • छात्राओं ने भी बुलंद की अपनी आवाज़

बीते गुरूवार को हिजाब पहनने के कारण जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा उमैय्या को यूजीसी नेट की परीक्षा देने से रोक दिया गया था. शनिवार दोपहर 12:45 पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की सेन्ट्रल कैंटीन के पास छात्रों ने यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया. यहाँ पर जामिया के छात्रों ने उमैय्याह के समर्थन में जमकर नारेबाज़ी की. ये विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grant Commission) के खिलाफ जामिया के छात्रों ने आयोजित किया.

jamia student protest against ugc
जामिया के छात्रों का यूजीसी विरोध प्रदर्शन

‘पढ़ने का अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते’

उपरोक्त नारा इस प्रदर्शन में कई बार लगाया गया.आसिफ इक़बाल तन्हा, जामिया के छात्र एक्टिविस्ट ने कहा,”छात्रों आप सब इस राउंड टेबल पर हैं और ये बात जानते हैं की आज से तीन दिन पहले हामरे बीच की एक छात्र उमैयाह खान को UGC-NET के एग्जाम में बैठने नहीं दिया गया, सिर्फ इसलिए नहीं बैठने दिया गया क्योंकि वो अपने सर पर हिजाब रखती है, वो अपने धर्म इस्लाम का पालन करती है, इसलिए UGC के लोग और वहां पर जो सेंटर पड़ा था, उन लोगों ने एग्जाम में बैठने नहीं दिया. उन लोगों ने कहा अगर तुम बैठना चाहती हो एग्जाम में तो सिर्फ तीन घंटे की बात है अपने हिजाब को उतार दो. इस पर छात्रा ने जवाब दिया की मैं एग्जाम छोड़ सकती हूँ पर अपना हिजाब नहीं उतार सकती”. आसिफ ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता के ऊपर हमला क़रार दिया.

जामिया स्टूडेंट फोरम के प्रेसिडेंट ज़ुबैर अहमद ने कहा,”हम बहुत जल्द डीयू, जेएनयू और एएमयू के छात्रों के साथ मिलकर UGC का घेराव करेंगे”. जामिया की छात्रा अदीबा ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा,”ये हमारा संवैधानिक अधिकार है और हम अपने इस्लामिक पहनावे को नहीं छोड़ सकते.”

jamia student forum president speaking in protest

बीते गुरूवार को रोहिणी सेक्टर 18 में UGC-NET परीक्षा का आयोजन हुआ था. वहां पर मौजूद अधिकारियों ने उमैय्याह नाम की एक छात्रा को हिजाब की वजह से परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया. अधिकारियों का कहना था की ये UGC की गाइडलाइन्स के खिलाफ था. वहीं दूसरी तरफ छात्रा ने गाइडलाइन्स में ऐसी किसी भी बात के होने से इंकार किया. छात्रा का कहना है की उसने अधिकारीयों से कहा की वो किसी भी तरह की जांच क लिए तैयार है हिजाब हटाने की ज़िद पर अड़े रहे. इस मामले में अभी यूजीसी की तरफ से कोई आधिकारिक बयां नहीं आया है.

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