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गौरवशाली इतिहास वाले जामिया का आज है 98वाँ स्थापना दिवस

शिक्षा

देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक जामिया मिल्लिया इस्लामिया आज अपना 98वां स्थापना दिवस मना रहा है. विश्व के एक हज़ार संस्थाओं में अपनी जगह बना चुका  जामिया अपनी शिक्षा की गुणवत्ता के लिए मशहूर है. जामिया की स्थापना 1920 में अलीगढ़ में की गयी थी. 1988 में यह एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के तौर पर वजूद में आया. उर्दू में जामिया का अर्थ होता है “विश्वविद्यालय” और मिल्लिया का मतलब होता है “राष्ट्रीय”. आज जामिया प्राइमरी विद्यालय से लेकर रिसर्च तक विश्वस्तरीय पाठ्यक्रमों का संचालन करता है.

Gulistan-e-Ghalib, JMI
गुलिस्तान-ए-ग़ालिब , जामिया

अंग्रेज़ी हुकूमत के दौर में वजूद में आने वाला जामिया अपने अंदर एक गहरे इतिहास को समेटे हुए है. एक समय सरोजनी नायडू ने कहा था “दे बिल्ट-अप द जामिया मिल्लिया स्टोन बाई स्टोन एंड सैक्रिफाइज़ बाई सैक्रिफाइज़ “. जामिया का वजूद आज़ादी की लड़ाई में दो गुटों के मिलने की वजह से हुआ था. पहले तो वो मुसलमान थे जो अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ रहे थे और दूसरे वो जो पश्चिम से पढ़ कर आए थे. महात्मा गाँधी ने इन दोनों  को एक जगह लाने में अहम् भमिका अदा की थी. पहली जमात उन लोगों की थी जो खिलाफत आंदोलन से जुड़े थे और दूसरे असहयोग आंदोलन से. जामिया की तारीफ करते हुए रबिन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था “वन ऑफ़ द मोस्ट प्रोग्रेसिव एजुकेशनल इंस्टिट्यूट इन इंडिया”. 

अलीगढ़ से लेकर दिल्ली तक का सफर 

22 नवंबर 1920 को जामिया के पहले चांसलर के रूप में हाकिम अजमल खान ने अपनी ज़िम्मेदारी संभाली. मौलाना मोहम्मद अली जौहर इसके पहले कुलपति बने क्योंकि अल्लामा इक़बाल ने वीसी बनने के गाँधी जी के सुझाव से इंकार कर दिया था. मशहूर स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में इसकी नींव रखी थी. आज़ादी की लड़ाई में जामिया ने अभूतपूर्व योगदान दिया. बारडोली सत्याग्रह में जामिया के छात्रों और शिक्षकों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. छात्रों ने देश के विभिन्न हिस्सों में जा कर लोगों को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एकजुट किया. कई शिक्षकों और छात्रों को अंग्रेज़ों ने जेल में डाल दिया.

jamia
जामिआ लोगो

 हकीम अजमल खान,डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी और अब्दुल मजीद ख्वाजा जामिया को 1925 में अलीगढ़ से दिल्ली के करोल बाग़ ले आए. गाँधी जी ने इस क़दम का साथ दिया और कहा “द जामिया हैज़ टू रन. इफ यू आर वरीड अबाउट इट्स फाइनेंस, आई विल गो अबाउट विद बेगिंग बाउल”. हकीम अजमल खान ने ज़्यादातर खर्च अपनी पॉकेट से दिया. 1 मार्च 1935 को ओखला में जामिया के एक स्कूल की नीव रखी गयी. 1936 में जामिया पूरी तरह ओखला आ गया.  1962 में जामिया को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला. जामिया 1988 में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बन चूका था.

स्थापना दिवस पर कयी तरह के कार्यक्रमों का हो रहा आयोजन 

स्थापना दिवस के अवसर पर जामिया में दो दिनों का कार्यक्रम रखा गया है. इसके तहत विभिन्न तरह के आयोजन किये जारहे हैं. कार्यक्रम 29 और 31 अक्टूबर का है. इसकी विधिवत शुरुआत 29 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से मुख्य अतिथि को गार्डऑफ़ ऑनर देने के साथ ही हो जाएगी. 30 अक्टूबर को होने वाले सभी कार्यक्रमों को चहल्लुम की छुट्टी होने के कारन रद्द कर दिया गया है.

 

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